उत्तराखंड मौसम: आज प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, दो नवंबर तक सतर्क रहने की चेतावनी

उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज आने वाले दिनों में भी राहत देने के आसार नहीं दिखा रहा है। भारी बारिश, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के साथ चमोली में कहीं-कहीं गरज-चमक, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। इतना ही नहीं 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार भी हैं। आने वाले दिनों की बात करें तो दो नवंबर तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने के आसार हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने अफसरों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया

मौसम विभाग ने शुक्रवार को पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य के लिए येलो अलर्ट है। इसके दृष्टिगत सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। सचिव सुमन ने कहा कि संबंधित अधिकारी यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक निर्णय लें।

मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर विशेष सतर्कता और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहत, बचाव दलों को तैयार रखा जाए। उन्होंने आमजन से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों, जलधाराओं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतें।

किसी भी आपात स्थिति अथवा आपदा संबंधी घटना की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर दें। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।

सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से बात कर आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

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