24 वर्षों में राज्य के बजट का आकार में 24 गुना की बढ़ोतरी हुई है। अवस्थापना विकास के साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार जेंडर बजट में बढ़ोतरी कर सकती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वित्त विभाग ने विभागवार बजट का खाका तैयार कर लिया है। विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए हितधारकों के महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस साल बजट के आकार में 10 से 15% की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101175.33 करोड़ रुपये का बजट पारित किया था। जो वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 13.38 प्रतिशत अधिक था। 24 वर्षों में राज्य के बजट का आकार में 24 गुना की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय बजट भी राज्य सरकार के बजट को दिशा देगा। माना जा रहा है कि बजट में अवस्थापना विकास के साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार जेंडर बजट में बढ़ोतरी कर सकती है।
इसके अलावा पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान, कुंभ मेला, आयुष एवं वेलनेस, उद्योग व युवाओं के कौशल विकास के लिए बजट में प्रावधान किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार पूंजी निवेश के लिए केंद्र से मिलने वाले दीर्घ अवधि के ऋण की योजना के चलते राज्य सरकार अब खुले बाजार से ऋण लेने से बचेगी।
पुरानी उधारी व देनदारी के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने व कर्मचारियों के वेतन, पेंशन के लिए बजट बढ़ने की संभावना है।वित्त सचिव दिलीप जावलकर का कहना है कि सभी विभागों की ओर से मिले बजट प्रस्तावों का परीक्षण कर लिया गया है। बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।