प्रदेश के 34 ग्रामीण मार्ग बंद, सबसे अधिक चमोली प्रभावित, साढ़े 11 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

प्रदेश में मानसून के सक्रिए होते ही मैदान से लेकर पहाड़ तक गर्मी से राहत मिली है। लेकिन मौसम के बदले पैटर्न और जलवायु परिवर्तन का सीधा असर तापमान पर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला थमा तो आधे दिन तक उमस और गर्म हवाओं ने झुलसाया। वहीं बारिश से प्रदेश के कई संपर्क मार्ग बंद है।

राज्य में 34 मार्ग बंद है। इसमें सबसे अधिक चमोली जिला प्रभावित है। यहां दस मार्ग बंद है। मार्गाें के बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में हुई बारिश के चलते बृहस्पतिवार को 32 मार्ग बंद हुए थे। बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा था।

इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई थी। शुक्रवार को भी प्रदेश के 34 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद रहे। इसमें चमोली के बाद सबसे अधिक प्रभावित सीमांत जिला पिथौरागढ़ प्रभावित रहा, यहां पर आठ मार्ग बंद है।

देहरादून छह, टिहरी चार, रुद्रप्रयाग तीन, पौड़ी दो और बागेश्वर जिला में एक मार्ग बंद रहा। इन मार्गों को खोलने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं चमोली जिले के विद्युत खंड नारायण बगड़ के अंतर्गत 20 गांव और विद्युत खंड देवाल के तहत आने वाले पांच गांवों में बिजली आूपर्ति बाधित थी, जिसे सुचारु किया गया है।

बारिश ने लोगों को डराया
नारायणबगड़ में शुक्रवार रात साढ़े तीन घंटे की बारिश ने लोगों को डराया। रात साढ़े 11 बजे तक हुई बारिश से बाजार में पानी भरा गया। इंटर कालेज मैदान भी तालाब बन गया। बारिश बंद होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

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