एक साल बाद कंटेनर चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई चार्जशीट, 60 लोग बनाए गवाह

कैंट थाना क्षेत्र के ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर रात करीब सवा बजे एक तेज रफ्तार कार सामने चल रहे कंटेनर से टकराई थी। हादसे में गुनीत, कुणाल कुकरेजा, ऋषभ जैन, नव्या गोयल, अतुल अग्रवाल, कामाक्षी समेत छह दोस्तों की मौत हो गई थी।

एक साल आठ दिन बाद आखिरकार पुलिस ने बृहस्पतिवार को ओएनजीसी चौक हादसे के मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें कंटेनर चालक रामकुमार, मालिक नरेश गौतम और किराये पर संचालन करने वाले अभिषेक चौधरी को आरोपी बनाया गया है। इस चार्जशीट में कुल 60 गवाह बनाए गए हैं। हालांकि, घटना में घायल हुए सिद्धेश अग्रवाल के बयान अभी तक दर्ज नहीं हो पाए हैं।

कैंट थाना क्षेत्र के ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर रात करीब सवा बजे एक तेज रफ्तार कार सामने चल रहे कंटेनर से टकराई थी। हादसे में गुनीत, कुणाल कुकरेजा, ऋषभ जैन, नव्या गोयल, अतुल अग्रवाल, कामाक्षी समेत छह दोस्तों की मौत हो गई थी। सिद्धेश अग्रवाल नाम का युवक घायल हो गया था। उस वक्त जांच में पता चला था कि कार राजपुर क्षेत्र में सिद्धेश अग्रवाल के घर की ओर से आ रही थी। घटना के वक्त ओएनजीसी चौक के सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। कई दिनों तक पुलिस इसके रूट को भी नहीं पहचान पाई थी। हालांकि, कुछ दिन बाद पता चला कार राजपुर रोड से घंटाघर होते हुए जीएमएस रोड आई। इसके बाद कांवली रोड पर लक्ष्मण चौक पुलिस चौकी के सामने से यूटर्न लेकर फिर से जीएमएस रोड और घटनास्थल तक पहुंची थी।

पुलिस ने सिद्धेश अग्रवाल के पिता की ओर से मिली तहरीर के आधार पर कंटेनर चालक रामकुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने रामकुमार को 13 दिन बाद गिरफ्तार किया था। पता चला था कि घटना के बाद रामकुमार अपने साथ कंटेनर की नंबर प्लेट भी लेकर भाग गया था।
बीएनएस-125(बी)- दूसरे की जान को खतरे में डालना।

कंटेनर की ब्रेक लाइट और हेड लाइड सभी खराब थे। उस वक्त वह एक होरिजोंटल डि्रलिंग मशीन लेकर कौलागढ़ जा रहा था। पुलिस इस मामले में जांच कर रही थी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी। कारण बताया गया था कि घटना के वक्त कार में सवार सिद्धेश अग्रवाल के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। अब करीब एक साल आठ दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।

इन धाराओं में हुई चार्जशीट
– बीएनएस-106(2)- वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाकर किसी को मारना।
– बीएनएस-61 (2)-आपराधिक षडयंत्र

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