प्रदेश में शिक्षकों के अनिवार्य नहीं अनुरोध के आधार पर होंगे तबादले, हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार

प्रदेश में शिक्षकों के तबादले अनुरोध के आधार पर होंगे। सरकार हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर चुकी है, इस प्रकरण में जब तक फैसला नहीं आता, तब तक अनुरोध के आधार पर ही फैसले होंगे।

प्रदेश में शिक्षकों के अनिवार्य नहीं अनुरोध के आधार पर तबादले होंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई धारा 27 की बैठक में इस पर सहमति के बाद फाइल अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री धामी के पास भेजी गई है।  शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक हाईकोर्ट ने केवल सुगम-दुर्गम के आधार पर अनिवार्य तबादलों पर रोक लगाई हुई है।

इस पर सरकार हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर चुकी है, इस प्रकरण में जब तक फैसला नहीं आता। अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाएंगे। इसमें खुद की बीमारी, पति, पत्नी व बच्चों की बीमारी, पति व पत्नी के एक स्थान पर तैनाती के आधार पर, विधवा व विदुर, सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र में तबादले, दुर्गम से दुर्गम में तबादले एवं 55 या इससे अधिक उम्र के आधार पर शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे।


शिक्षा मंत्री के मुताबिक अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे जाएंगे। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है।

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