ऊपरी यमुना बेसिन में प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर राज्यों के बीच लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में परियोजना से जुड़े छह राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
660 मेगावाट की महत्वपूर्ण किशाऊ बांध परियोजना की अहम बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बैठक में शामिल होने के लिए सोमवार की शाम दिल्ली रवाना हो गए। ऊपरी यमुना बेसिन में प्रस्तावित 660 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी राज्यों के प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक करार को अंतिम रूप देंगे। समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह दोपहर 12 बजे कर्तव्य भवन नई दिल्ली में आयोजित होगा।
करीब 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली किशाऊ परियोजना ऊपरी यमुना बेसिन की सबसे बड़ी जल एवं ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। इसकी जल भंडारण क्षमता 1,324 मिलियन घन मीटर होगी। परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है।