उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में बिजली चमकने और गर्जन के साथ तेज दौर की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर मानसून में तेजी देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 27 जुलाई को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में बिजली चमकने और गर्जन के साथ तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उधर हरिद्वार जिले में बिजली चमकने और तेज गर्जन की चेतावनी जारी की गई है। आने वाले दिनों की बात करें तो एक अगस्त तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा।
जेपी बैंड के पास मलबा आने से एनएच बंद, वाहनों की लगीं कतारें
त्यूणी-चकराता-मसूरी-धनोल्टी-चंबा-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 ए मसूरी के जेपी बैंड के पास एक बार फिर बंद हो गया है। रविवार को बारिश के दौरान नाले से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आने से राजमार्ग बंद हो गया जिसे करीब 45 मिनट बाद खोला जा सका। सड़क बंद होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
शहर में एक बार फिर जमकर बारिश हुई, इससे शहर की विभिन्न सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई है। त्यूणी-चकराता -मसूरी-धनोल्टी-चंबा-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 ए मसूरी के जेपी बैंड के पास नालों में जमा मलबा बारिश के कारण राजमार्ग पर आ गया, इससे राजमार्ग बंद हो गया। स्थानीय निवासी संजीव और राजेश ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से बारिश होते ही इस स्थान पर नालों से निर्माण सामग्री और मलबा बहकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ रहा है, जिससे बार-बार यातायात बाधित हो रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड 707 ए के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी ने बताया कि दोपहर करीब 1:30 बजे जेपी बैंड के पास मलबा आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग ने जेसीबी मौके पर भेजकर तत्काल मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नालों में डाली जा रही निर्माण सामग्री बारिश के दौरान बहकर सीधे राजमार्ग पर आ रही है, जिसके कारण बार-बार सड़क बंद करनी पड़ रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी।