प्रदेश की सड़कों पर सुरक्षा का मूल्यांकन करेंगी नौ एजेंसियां, एक साल के लिए किया गया है पंजीकरण

राज्य में हर वर्ष 1000 से 1400 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। परिवहन विभाग और पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं फिर भी सुधार की काफी गुंजाइश बनी हुई है।

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग ने नौ फर्मों को ब्लैक स्पॉट और क्रैश बैरियर के मूल्यांकन कार्य के लिए सूचीबद्ध किया है। इन फर्मों का पंजीकरण एक वर्ष के लिए किया है।

प्रदेश में हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर वर्ष 1000 से 1400 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। परिवहन विभाग और पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं फिर भी सुधार की काफी गुंजाइश बनी हुई है।

सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी की ओर से समय-समय पर ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार कार्यों के लिए बजट जारी किया जाता है। इन कार्यों में विशेषज्ञता रखने वाली नौ फर्मों को अब राज्यभर में इस काम के लिए अधिकृत किया गया है। इन सभी कार्यों में विशेषज्ञता रखने वाली नौ फर्मों को परिवहन विभाग ने सूचीबद्ध कर दिया है।

एजेंसियों की सूचीबद्धता अगले साल 31 अगस्त तक
इनमें एंटीक बिल्टेक राजस्थान, एसएन इंफ्रा डेवलपमेंट मध्य प्रदेश, टेकमोडेक राजस्थान, ट्रांसलिंक इंफ्रास्ट्रक्चर गुजरात, क्राफ्ट्स कंसल्टेंट हरियाणा, कंसल्टिंग इंजीनियर ग्रुप जयपुर, श्वेता टेक्नोफाइल गाजियाबाद, जयशंकर झा नोएडा और टेक्निकल कंसल्टेंसी सर्विसेज देहरादून के नाम शामिल हैं।

अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इन एजेंसियों की सूचीबद्धता अगले साल 31 अगस्त तक है। इस दौरान किसी भी जिले में इनकी मदद से सड़क सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता किया जा सकता है।

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