उत्तराखंड: प्रदेश में 24 हजार करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी, जल्द होगा ग्राउंडिंग समारोह

उत्तराखंड में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे के मुताबिक, वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अगले चरण में 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी है।

उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन से 1.01 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। 24 हजार करोड़ निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी है। इसके लिए जल्द ही निवेश ग्राउंडिंग समारोह आयोजित किया जाएगा।

सचिव ने कहा, सोशल मीडिया पर निवेशक सम्मेलन को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं।

राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वन से आच्छादित है। बड़े उद्योगों की स्थापना देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है।

बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुआ था। निवेशकों की सहायता के लिए सरकार ने निवेश मित्र नियुक्त किए हैं। आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना उचित नहीं है। यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page