जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अब जांच के बाद नियमानुसार कर और जुर्माना निर्धारित कर वसूली की जाएगी।
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। इसमें हरिद्वार में चार फर्मों पर छापा मारकर जांच और गहन सर्वेक्षण किया। पूरे प्रकरण में विभाग ने मौके पर ही दो करोड़ रुपये का कर और जुर्माना वसूल किया। वहीं फर्मोंं की जांच के साथ ही अभिलेख जब्त किए गए।
यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देशों पर की गई। विभाग को शिकायत मिल रही थी कि कई फर्म अवैध इनपुट कर क्रेडिट का लाभ उठा रहे हैं। यही नहीं वह अपने रिटर्न में नकद भुगतान बेहद कम या शून्य दिखा रहे थे। ये फर्म आपस में सर्कुलर ट्रेडिंग करके अपने टर्नओवर को भी बढ़ा रहे थे।
टीम ने जांच के दौरान जीएसटी चोरी और स्टॉक में भारी गड़बड़ी पकड़ी है। टीम के अनुसार इन कारोबारियों के परिसरों में खरीद और बिक्री से स्टॉक का सत्यापन किया गया। मौजूदा स्टॉक और लिए गए इनपुट कर क्रेडिट के आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां सामने आईं। जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अब जांच के बाद नियमानुसार कर और जुर्माना निर्धारित कर वसूली की जाएगी।
कार्रवाई में 12 अधिकारियों की चार टीमें की गईं गठित
इस सर्वेक्षण के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई के अधिकारी शामिल थे। 12 अधिकारियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। टीमों ने व्यापारियों के परिसरों में गहन जांच की। आयुक्त कर प्रतीक जैन ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि राज्य कर विभाग का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। फर्जी इनपुट कर क्रेडिट दिखाकर कर चोरी के प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग राज्य में ऐसी सभी फर्मों पर सख्त निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रखेगा।