मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पदभार संभाल लिया है। चार बार विधायक और पूर्व केंद्रीय सांसद रहे डॉ. बिसेन की नियुक्ति के साथ प्रदेश को नया संवैधानिक प्रमुख मिला है।
उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ले ली है। लोक भवन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़ा।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में 14 मई 1952 को जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन चिकित्सक और कृषक हैं। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और मध्य प्रदेश की राजनीति में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में वन, परिवहन एवं खनिज तथा स्कूल शिक्षा एवं जेल विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया। मई 2019 में वह 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
उत्तराखंड पहुंचने पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण भी किया। एयरपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
लोक भवन पहुंचने पर राज्यपाल का सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल केके शुक्ल, सचिव प्रोटोकॉल विनोद कुमार सुमन, मंडलायुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी विम्मी सचदेवा रामन और अपर सचिव रीना जोशी सहित अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्तूबर को डॉ. बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया।